Zee-Sony merger

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Zee-Sony merger: 

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और सोनी पिक्चर्स के मर्जर की डील रद्द होने की आशंका है। दरअसल, सोनी ग्रुप कॉरपोरेशन की भारतीय इकाई मर्जर डील को रद्द करने की योजना बना रही है। यह डील 10 बिलियन डॉलर की है लेकिन जी एंटरटेनमेंट के सीईओ पुनीत गोयनका के नेतृत्व को लेकर गतिरोध के कारण संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बता दें कि साल 2021 में मर्जर का ऐलान हुआ था।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सोनी ने डील को बंद करने के लिए 20 जनवरी से पहले औपचारिक ऐलान की योजना बनाई है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच अभी भी चर्चा चल रही है और समय सीमा से पहले भी कोई समाधान निकल सकता है। वहीं, सोनी और जी एंटरटेनमेंट के प्रतिनिधियों ने अधिकारिक तौर पर कुछ भी जवाब नहीं दिया है। इस खबर के बीच जी एंटरटेनमेंट के शेयरों में सोमवार को बड़ी गिरावट आई। यह शेयर 2 फीसदी गिरकर 277.45 रुपये पर बंद हुआ।

दिसंबर महीने में खत्म हुई डेडलाइन

बीते दिसंबर महीने में जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और जापान के सोनी समूह के भारतीय ईकाई के बीच मर्जर की डेडलाइन खत्म हो गई थी। इसके बाद डेडलाइन बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई। बता दें कि जी एंटरटेनमेंट और सोनी समूह मर्जर योजना को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई), एनएसई और बीएसई, कंपनी के शेयरधारकों और ऋणदाताओं की मंजूरी मिल चुकी है।

सेबी ने लिया था एक्शन

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने पिछले साल एक अंतरिम आदेश में एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और जी एंटरटेनमेंट के सीईओ पुनीत गोयनका पर किसी लिस्टेड कंपनी या उसकी सब्सिडियरी में डायरेक्टर या प्रमुख प्रबंधकीय पद पर रहने पर रोक लगा दी थी। आरोप है कि उन्होंने पद का मिसयूज किया। इसके साथ ही जी एंटरटेनमेंट और एस्सेल ग्रुप की दूसरी लिस्टेड कंपनियों से अपने फायदे के लिए फंड्स की हेराफेरी की। हालांकि, पुनीत गोयनका को सेबी के आदेश के खिलाफ अपीलीय प्राधिकरण यानी सैट से राहत मिल गई।

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