Today Market News

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FirstCry IPO: 

आईपीओ के लिए ड्राफ्ट दाखिल करने के करीब 10 दिन पहले फर्स्टक्राई के फाउंडर और एमडी-सीईओ सुपम माहेश्वरी (Supam Maheshwari) ने इसमें अपनी हिस्सेदारी हल्की की थी। उन्होंने इसके 62 लाख शेयर बेचे हैं। इसका खुलासा बाजार नियामक के पास दाखिल आईपीओ के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) से हुआ है। सुपम ने ये शेयर 487.44 रुपये के अधिकतम भाव पर बेचे थे और इस अधिकतम भाव के हिसाब से उन्होंने 300 करोड़ के शेयर बेचे हैं। अब आईपीओ के तहत भी वह कंपनी के शेयर बेचेंगे। उनके पास आईपीओ ड्राफ्ट फाइल करने के 10 दिन पहले तक 35,097,831 शेयर थे जो कंपनी में 7.46 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर थी। अब शेयरों की बिक्री के बाद उनके पास 28,893,347 शेयर रह गए जो 5.95 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है।

IPO के प्राइस से कितना है भाव में फर्क

ड्राफ्ट में मुहैया कराई गई डिटेल्स के मुताबिक दिसंबर में फर्स्टक्राई के जो शेयर बिके हैं, वह करीब 23700 करोड़ के वैल्यूएशन पर यानी प्रति शेयर 487.44 रुपये के भाव पर हुई है। अब अनुमान के मुताबिक फर्स्टक्राई का आईपीओ 350 करोड़-375 करोड़ डॉलर (29100 करोड़-31179 करोड़ रुपये) के वैल्यूएशन पर आ सकता है। इसके अपर रेंज के हिसाब से यह दिसंबर में शेयरों की बिक्री के भाव से करीब 31 फीसदी प्रीमियम पर होगा।

6 महीने में बेचे 93 लाख शेयर

आईपीओ ड्राफ्ट के मुताबिक सुपम माहेश्वरी ने फाइलिंग से दस दिन पहले 62 लाख शेयर बेचे तो करीब छह महीने में इसके 93.4 लाख शेयर बेचे थे। 487.44 रुपये के भाव पर शेयरों का यह लेन-देन 455 करोड़ रुपये से अधिक का पड़ा। इस ड्राफ्ट से यह भी खुलासा हुआ कि 27 दिसंबर के जिस दिन कंपनी ने फर्स्टक्राई के आईपीओ के लिए आवेदन किया था, उस दिन एक बोर्ड रिजॉल्यूशन ने कंपनी के ESOP ट्रस्ट को 243 रुपये के भाव पर 1.49 करोड़ शेयर ट्रांसफर किए थे।

मनीकंट्रोल से बातचीत में एक यूनिकॉर्न के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर ने कहा कि ESOP ट्रस्ट को इस प्रकार से शेयरों का ट्रांसफर आईपीओ की अगुवाई में प्रमोटर की शेयरहोल्डिंग कम करने या विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) से जुड़े नियमों के पालन के लिए विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी कम करने का तरीका है।

फर्स्टक्राई में कंपनी के सीईओ की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2021 के आखिरी में 5 फीसदी यानी 37 लाख शेयरों की थी। इसके बाद वित्त वर्ष 2022 के आखिरी में यह बढ़कर 7 फीसदी और 1.52 करोड़ शेयरों तक पहुंच गई और फिर वित्त वर्ष 2023 में यह बढ़कर 9 फीसदी यानी 3.82 करोड़ शेयरों तक पहुंच गई। शेयरों की संख्या में यह उछाल शेयरों के हिस्सो में टूटने और कुछ एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शंस (ESOPs) के तहत शेयर मिलने के चलते आई। वित्त वर्ष 2022 में उन्हें ESOP के तहत 1.48 करोड़ शेयर मिले थे।

आईपीओ ड्राफ्ट के मुताबिक फर्स्टक्राई के फाउंडर को वित्त वर्ष 2023 में 200 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022 में 29 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2021 में 14 करोड़ का रेम्यूनेरेशन मिला था। इसमें शॉर्ट टर्म एंप्लॉमेंट बेनेफिट्स और शेयर-बेस्ड पेमेंट्स एक्रूअल शामिल है। वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में सुपम माहेश्वरी का रेमेन्यूरेशन 26 करोड़ रुपये था।

FirstCry IPO की डिटेल्स

आईपीओ के जरिए फर्स्टक्राई का लक्ष्य 1816 करोड़ रुपये जुटाने का है। इसके तहत महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम), सॉफ्टबैक, प्रेमजी इनवेस्ट, टीपीजी, न्यूक्वेस्ट समेत कंपनी के कुछ निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के जरिए 5.4 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा और बढ़ा है और बढ़कर यह 79 करोड़ रुपये से 486 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।


 Big Market Voices:

कारोबारी हफ्ते के पहले दिन आज बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 671 अंक गिरकर 71 हजार 355 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 198 अंक गिरकर 21 हजार 513 पर बंद हुआ। आज सबसे ज्यादा बिकवाली FMCG, मेटल, बैंकिंग शेयरों में रही। वहीं फार्मा, IT, ऑटो शेयरों पर दबाव देखा गया। ऐसे में बाजार समय के दौरान Elixir Equities के डायरेक्टर दीपन मेहता ने हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ के साथ बातचीत में कहा कि करेक्शन में लार्जकैप में निवेश करना चाहिए। उन्होंने मिडकैप की बजाय लार्ज कैप पर फोकस करने की सलाह अपने क्लाइंट्स और निवेशकों को दी। उन्होंने कहा कि RIL, TCS, INFOSYS, MARUTI में अच्छा पैसा बन सकता है।

बाजार पर रखें सतर्क रवैया

दीपन मेहता ने कहा कि इस समय निवेश के लिहाज से मैं नया पैसा बाजार में नहीं लगाऊंगा। बाजार में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। वर्तमान बाजार में 10 से 15 प्रतिशत का करेक्शन आने पर ही नया पैसा लगाना चाहिए। उन्होंने कहा जब बाजार में करेक्शन आयेगा तो कोई एक सेक्टर में विशेष कर ऐसा नहीं होगा। करेक्शन आने पर पैसा लगाने पर अच्छे रिटर्न मिलेंगे। हालांकि मैं एसआईपी निवेश पर कायम रहना चाहूंगा।

बाजार में आईटी में नतीजों से ज्यादा मैनेजमेंट की कमेट्री अहम होगी। आईटी के नतीजे कमजोर से सपाट रहने की आशंका है। रियल्टी से जुड़े शेयरों से अभी दूर रहना चाहिए।

वैश्विक घटनाक्रमों का केमिकल सेक्टर पर होता है असर

केमिकल शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस सेक्टर पर विदेशों में हो रहे घटनाक्रमों का असर दिखता है। अमेरिका में क्या हो रहा है। चीन में उत्पादन या अन्य डेवलपमेंट कैसे हो रहे हैं इसका असर यहां केमिकल सेक्टर की कंपनियों पर देखने को मिलता है। वैसे भी इस समय केमिकल स्टॉक के वैल्यूशन ज्यादा हैं। लिहाजा इस सेक्टर में करेक्शन आने पर ही इसमें निवेश करने की सलाह होगी।

निवेश पर दीपन मेहता का नजरिया

दीपन मेहता ने बाजार में निवेश करने के बारे में कहा कि करेक्शन में निवेश करने से अच्छे रिटर्न मिलेंगे। लार्ज कैप में निवेश करना अच्छा रहेगा। मिडकैप के मुकाबले लार्जकैप शेयरों में निवेश करें। उन्होंने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), टीसीएस (TCS), इंफोसिस (INFOSYS) और मारुति सुजुकी (MARUTI SUZUKI) में निवेश करने से अच्छे रिटर्न मिलेंगे।


 8 जनवरी को बाजार लाल निशान में बंद हुआ है। निफ्टी 21500 के आसपास बंद हुआ है। कारोबार के अंत में 670.93 अंक या 0.93 फीसदी गिरकर 71,355.22 पर और निफ्टी 197.80 अंक या 0.91 फीसदी गिरकर 21,513 पर बंद हुआ। आज लगभग 1733 शेयर बढ़े हैं। वहीं, 1723 शेयरों में गिरावट देखने के मिली है। जबकि 75 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। निफ्टी पर यूपीएल, एसबीआई, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, डिविस लैब्स और ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज टॉप लूजर में से रहे हैं। जबकि अदानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, ओएनजीसी, हीरो मोटोकॉर्प और एनटीपीसी टॉप गेनरों में रहे हैं।

अलग-अलग सेक्टरों का बात करें तो एफएमसीजी, बैंक, फार्मा और मेटल में 1 फीसदी की गिरावट आई है। दिग्गजों के साथ ही छोट-मझोले शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली है। निफ्टी के 50 में से 38 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स के 30 में से 24 शेयरों में बिकवाली रही। वहीं, निफ्टी बैंक के 12 में से 11 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसा मजबूत होकर 83.14 के स्तर पर बंद हुआ है।

9 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि बाजार में आज बड़े पैमाने पर बिकवाली देखी। अमेरिका से उम्मीद से बेहतर नान-एग्री पेरोल डेटा और इसके इसके चलते अमेरिका में 10-ईयर बॉन्ड ईल्ड में बढ़त के कारण दरों में कटौती की उम्मीद धुंधली हो गई है। इसके चलते बाजार पर दबाव बना है।

नियर टर्म में निवेशकों की नजर तीसरी तिमाही के नतीजों पर रहेगी। हालांकि आईटी सेक्टर में नरमी से शुरुआत में सुस्ती रह सकती है। लेकिन बाजार में अर्निंग ग्रोथ को लेकर उम्मीद बनी हुई। कंपनियों कि अर्निंग ग्रोथ दोहरे अंकों में रह सकती है।

प्रोग्रेसिव शेयर्स के आदित्य गग्गर का कहना है कि रिकॉर्ड स्तर के आसपास बियरिश इंगल्फिंग से ट्रेंड रिवर्सल की काफी संभावना दिख रही है। अब निफ्टी के लिए 21,370-21,400 के आसपास सपोर्ट दिख रहा है। जबकि ऊपर की तरफ 21,650 पर रजिस्टेंस दिख रहा है।

बैंक निफ्टी से मार्केट सेंटिमेंट पर निगेटिव असर पड़ने की संभावना है क्योंकि इसने हेड एंड शोल्डर फॉर्मेशन (ऑवरली चार्ट) से ब्रेकडाउन दिया है। इसके लिए 46,930 पर तत्काल सपोर्ट है जबकि 47,900 पर रजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

शेयरखान के जतिन गेडिया का कहना है कि निफ्टी ने बढ़त के साथ शुरुआत की, हालांकि यह ऊपरी स्तरो पर टिकने में असमर्थ रहा और पूरे दिन निगेटेव जोन में रहा। डेली चार्ट पर नजर डालने से पता चलता कि निफ्टी ने पिछले कुछ हफ्तों से मोटे तौर पर 21500 – 21850 के दायरे में कारोबार किया है। अब निफ्टी के लिए 21507, 21406 और 20-डे मूविंग एवरेज (21426) पर अगले सपोर्ट हैं। उम्मीद है कि निफ्टी इन सपोर्ट स्तरो पर अपनी गिरावट पर ब्रेक लगाएगा और तेजी के अगले चरण के लिए फिर से कंसोलीडेट होगा।

आज बैंक निफ्टी में भी करेक्शन देखने को मिला और यह अपनी बड़ी रेंज के निचले छोर (47000) को छूने की प्रक्रिया में है। डेली मोमेंटम इंडीकेटर संतुलन रेखा (equilibrium line) के करीब पहुंच रहा है जो इस बात का संकेत है कि आगे करेक्शन देखने को मिल सकता है। लेकिन इंडेक्स का ओवरऑल ट्रेंड मजबूत है। ऐसे में इस गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर इस्तेमाल करने की सलाह होगी।



 लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ (DLF) का लग्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट प्री-लॉन्च सेल्स में 72 घंटों के भीतर पूरी तरह से बिक गया। कंपनी का यह हाई एंड लग्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट गुरुग्राम में मौजूद है, जिसका नाम ‘DLF प्रिवाना साउथ’ है। DLF का यह प्रोजेक्ट 7,200 करोड़ रुपये का है। लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट ‘DLF प्रिवाना साउथ’ (DLF Privana South) गुरुग्राम के सेक्टर 76 और 77 में मौजूद है। यह प्रोजेक्ट 25 एकड़ में फैला है।

Moneycontrol (मनीकंट्रोल) ने पिछले महीने सबसे पहले इस प्रोजेक्ट से डीएलएफ के अनुमानित रेवेन्यू के बारे में खबर दी थी। कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया, ‘ इस एनक्लेव में मौजूद 7 टावरों में कुल 1,113 लग्जरी रेजिडेंशियल यूनिट होंगी, जिनमें 4 बीएचके अपार्टमेंट और पेंटहाउस शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट से अरावली रेंज की पहाड़ियां भी दिखती हैं और इसके बगल में 10,000 एकड़ में फैसला सफारी पार्क भी मौजूद है। डीएलएफ का यह रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट 72 घंटों के अंदर बिक गया।’

‘DLF प्रिवाना साउथ’ बड़े प्रोजेक्ट ‘DLF प्रिवाना’ का हिस्सा होगा, जो सेक्टर 76 और 77 में तकरीबन 116 एकड़ में फैला है। DLF होम डिवेलपर्स लिमिटेड के और ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ बिजनेस ऑफिसर आकाश ओहरी ने बताया कि प्री-लॉन्च सेल्स से साफ है कि DLF के लग्जरी अपार्टमेंट की मांग बढ़ रही है। उन्होंने बताया, ‘बल्क बुकिंग को रोकने के लिए हर खरीदार को सिर्फ एक यूनिट आवंटित किया गया और बुकिंग राशि 10 लाख के बजाय 50 लाख रखी गई। इस प्रोजेक्ट की 25 पर्सेंट सेल्स प्रवासी भारतीयों (NRIs) के जरिये हुई। एक अपार्टमेंट की औसत कीमत 7 करोड़ रुपये है।’

इससे पहले मार्च 2023 में DLF के लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट ‘द आर्बर’ में भी रिकॉर्ड प्री-बुकिंग सेल्स देखने को मिली थी। आधिकारिक लॉन्च से पहले ही यह प्रोजेक्ट भी पूरा बिक गया था। कंपनी ने 158 से भी ज्यादा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को डिवेलप किया है औ इनका कुल एरिया 34 करोड़ वर्ग फुट से भी ज्यादा है। ग्रुप का सालाना पोर्टफोलियो 4.2 करोड़ वर्ग फुट से भी ज्यादा है। मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की सेल्स 2,228 करोड़ रुपये रही, जबकि उसका ग्रॉस मार्जिन 57 पर्सेंट था।


India-Maldives Row: 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र शासित प्रदेश लक्ष्यद्वीप (PM Modi Lakshadweep Visit) जाने के बाद से इस भारतीय द्वीप के बारे में सर्च 3,400 प्रतिशत बढ़ गई है। भारत-मालदीव विवाद के बीच यात्रा संबंधी सेवाएं देने वाले प्लेटफॉर्म मेकमाईट्रिप (MakeMyTrip) ने सोमवार (8 जनवरी) को यह जानकारी दी। मेकमाईट्रिप ने सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, “हमने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के बाद से लक्षद्वीप के लिए प्लेटफॉर्म पर सर्च में 3,400 प्रतिशत की वृद्धि देखी है।”

PM मोदी के दौरे के बाद लक्षद्वीप पसंदीदा पर्यटन स्थल बनकर उभरा है। कई लोगों ने भारतीय द्वीप की तुलना मालदीव और सेशेल्स जैसे विश्वस्तर पर मांग वाले समुद्र तट स्थलों से करना शुरू कर दिया है। मालदीव के मंत्रियों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोमदी के खिलाफ टिप्पणियों के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद शुरू हो गया है।

इस बीच, भारत में मालदीव के उच्चायुक्त को सोमवार को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया और मालदीव के कई मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई टिप्पणियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई।


संबंधित खबरें

मालदीव सरकार ने मोदी के खिलाफ अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए रविवार को तीन उप मंत्रियों को निलंबित कर दिया है। मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों की भारत में आलोचना हुई है और कई मशहूर हस्तियों ने X पर लोगों से मालदीव जाने के बजाय घरेलू पर्यटन स्थलों के बारे में जानने का आग्रह किया है।

मालदीव की सफाई

मालदीव की सरकार ने सोमवार को भारतीय उच्चायुक्त मुनु मुहावर को सूचित किया कि उसके निलंबित किए जा चुके तीन उप मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दिए गए अपमानजनक बयान सरकार के रुख को प्रदर्शित नहीं करते। भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि विदेश मंत्रालय में अंबेसेडर एट-लार्ज डॉ अली नसीर मोहम्मद के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भारतीय उच्चायुक्त की बैठक आज निर्धारित थी।

‘द सन ऑनलाइन’ की खबर के अनुसार मालदीव के एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा कि बैठक में नसीर ने स्पष्ट किया कि उप मंत्रियों के बयान मालदीव की सरकार का रुख नहीं प्रदर्शित करते। उन्होंने अपने पड़ोसियों के लिए मालदीव का सतत समर्थन दोहराया। मालदीव के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार को विदेशी नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया मंचों पर अपमानजनक बयानों की जानकारी है और ये निजी राय उसके रुख को प्रदर्शित नहीं करते।

इससे पहले भारत ने सोमवार को मालदीव के दूत इब्राहिम शहीब को तलब किया। भारत ने मालदीव के कुछ मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर डाले गए बयानों को लेकर चिंता प्रकट की थी।

3 मंत्री सस्पेंड

मालदीव के तीन उप मंत्रियों मालशा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्ला महज़ूम माजिद ने प्रधानमंत्री मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के बाद X पर उनकी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि नई दिल्ली इस केंद्र शासित प्रदेश को मालदीव के वैकल्पिक पर्यटन स्थल के रूप में पेश करने का प्रयास कर रही है। भारत में सोशल मीडिया पर विवाद शुरू होने के बाद रविवार को तीनों को निलंबित कर दिया गया। नई दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि माले में भारतीय उच्चायोग ने रविवार को मालदीव के विदेश मंत्रालय के साथ मामले को पुरजोर तरीके से उठाया।



100 रुपये से कम के एक शेयर पर विदेशी निवेशक बुलिश हैं। यह स्मॉलकैप स्टॉक सर्वोटेक पावर सिस्टम्स लिमिटेड का है। कंपनी के शेयर जून 2023 में 100 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचे। इसके बाद से कंपनी के शेयर बेस बिल्डिंग मोड में हैं। सर्वोटेक पावर सिस्टम्स (Servotech Power Systems) के शेयर सोमवार को 5 पर्सेंट की तेजी के साथ 79.85 रुपेय पर बंद हुए हैं। विदेशी निवेशकों (FII) को कंपनी के शेयरों में अच्छी तेजी आने की उम्मीद है। कई विदेशी निवेशकों ने कंपनी के प्रेफरेंशियल इश्यू के लिए अप्लाई किया था, इनमें एजी डायनॉमिक फंड, मिनर्वा वेंचर्स फंड और फोर्ब्स ईएमएफ भी शामिल हैं। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की सब-कमेटी ने अब इन विदेशी निवेशकों को शेयर अलॉट किए हैं।

इन विदेशी निवेशकों ने लगाया दांव

सर्वोटेक पावर सिस्टम्स की तरफ से प्रेफरेंशियल बेसिस पर वॉरन्ट्स के अलॉटमेंट पर साझा किए गए डीटेल्स के मुताबिक, मॉरीशस बेस्ड एजी डायनॉमिक फंड्स को कंपनी के 15 लाख शेयर अलॉट किए गए हैं। यह शेयर 83.40 रुपये पर अलॉट किए गए हैं और इनकी वैल्यू 12.51 करोड़ रुपये रही है। इसी तरह, यूएस बेस्ड विदेशी निवेशक मिनर्वा वेंचर्स फंड को 83.40 रुपये प्रति शेयर के दाम पर 15 लाख शेयर अलॉट किए गए हैं। इन शेयरों की वैल्यू 12.51 करोड़ रुपये रही है। फोर्ब्स ईएमएफ (Forbes EMF) को भी 15 लाख शेयर अलॉट किए गए हैं। फोर्ब्स ईएमएफ ने भी इस स्मॉलकैप कंपनी में 12.51 करोड़ रुपये लगाए हैं।

2 रुपये से 79 रुपये के पार पहुंचे हैं कंपनी के शेयर

सर्वोटेक पावर सिस्टम्स (Servotech Power Systems) के शेयर पिछले 2 साल से कुछ ज्यादा समय में 2 रुपये से बढ़कर 79 रुपये के पार पहुंच गए हैं। कंपनी के शेयर 4 नवंबर 2021 को 1.99 रुपये पर थे, जो कि 8 जनवरी 2024 को 79.85 रुपये पर पहुंच गए हैं। कंपनी के शेयरों में इस अवधि में 3913 पर्सेंट का उछाल आया है। वहीं, पिछले एक साल में सर्वोटेक पावर सिस्टम्स के शेयरों में 383 पर्सेंट का उछाल आया है। कंपनी के शेयर पिछले एक साल में 16.51 रुपये से बढ़कर अब 79.85 रुपये पर जा पहुंचे हैं। कंपनी के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 100 रुपये है। वहीं, कंपनी के शेयरों का 52 हफ्ते का लो लेवल 15.73 रुपये है

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